Yoga Day in Hindi (योग दिवस) Benefit Of Yoga 2022

Yoga Day in Hindi (योग दिवस) Benefit Of Yoga

  • योग शब्द की उत्पत्त‍ि
  • सूर्य नमस्कार योगा
  • सूर्य नमस्कार योगा का फ़ायदा
  • First International Yoga Day in Hindi
  • Yoga for Weight Loss (वजन कम करने के लिए योग)

About Yoga Day in Hindi

Yoga Day in Hindi: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सबसे पहले 21 जून 2015 को पूरे विश्व में मनाया गया। 21 जून 2015 को करोड़ों लोगों ने विश्व में योग किया। योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है।

वैदिक संहिताओं के अनुसार तपस्वियों के बारे में प्राचीन काल से ही वेदों में इसका उल्लेख है। सिंधु घाटी सभ्यता में भी योग और समाधि को प्रदर्श‍ित करती मूर्तियां प्राप्त हुईं हैं। हिन्दू धर्म में साधु, संन्यासियों व योगियों द्वारा योग सभ्यता को शुरू से ही अपनाया गया था। लेकिन आम लोगों में इस योगा का विस्तार हुए अभी ज्यादा समय नहीं बीता है।

योग की महिमा और महत्व को जानकर इसे स्वस्थ्य जीवनशैली हेतु बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है, जिसका प्रमुख कारण है व्यस्त, तनावपूर्ण और अस्वस्थ दिनचर्या में इसके सकारात्मक प्रभाव।

Yoga Day in Hindi

योग शब्द की उत्पत्त‍ि

योग शब्द की उत्पत्त‍ि संस्कृति के युज से हुई है, जिसका मतलब होता है आत्मा का सार्वभौमिक चेतना से मिलन। योग लगभग दस हजार साल से भी अधिक समय से अपनाया जा रहा है।

सूर्य नमस्कार योगा

सूर्य नमस्कार योगा यह एक व्यायाम है जो आपकी पीठ और आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है। साथ ही यह आपके संपूर्ण भौतिक तंत्र के लिए एक संपूर्ण कसरत है। यह हमें हमारे जीवन की थकाऊ और नीरस दिनचर्या से मुक्त होने में भी मदद करता है।

सूर्य नमस्कार योगा का फ़ायदा

वजन कम करने में मदद करता है
ग्लो त्वचा
बेहतर पाचन तंत्र
नियमित मासिक धर्म सुनिश्चित करता है
चिंता में सुधार
ब्लड सुगर लेवल को कम करता है आदी।

Yoga Day in Hindi (योग दिवस) Benefit Of Yoga 2021

First International Yoga Day in Hindi

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सबसे पहले 21 जून 2015 को पूरे विश्व में मनाया गया। 21 जून 2015 को करोड़ों लोगों ने विश्व में योग किया। योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है। विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है।

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Yoga for Weight Loss (वजन कम करने के लिए योग)

धनुरासन योगा
धनुरासन योग में शरीर की आकृति सामान्य तौर पर खिंचे हुए धनुष के समान हो जाती है, इसीलिए इसे धनुरासन योगा का नाम दिया गया हैं। धनुरासन से पेट की चरबी कम होती है। इससे सभी आंतरिक अंगों, मांसपेशियों और जोड़ों का व्यायाम हो जाता है। इसे करने के लिए सबसे पहले आप पेट के बल लेट जाये। फिर दोनों पैर आपस में एक-दूसरे से जोड़ें। दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें। घुटनों तथा पंजों के बीच में एक फुट का अंतर रख कर दोनों पैरों के टखनों को हाथों से पकड़ें। हाथों के सहारे दोनों पैरों के घुटने, जांघ तथा धड़ को सुविधानुसार एवं क्षमतानुसार ऊपर उठाएं। श्वास-प्रश्वास सहज रखें। इस स्थिति में आरामदायक अवधि तक रुक कर वापस पूर्व स्थिति में आएं।

पश्चिमोत्तानासन योगा

पश्चिमोत्तानासन योगा पेट की चर्बी घटाने में काफी कारगर है। इस आसन से शरीर की सभी मांसपेशियों पर खिंचाव पड़ता है। इसे करने के लिए पैरों को सामने फैलाकर बैठ जाएं अब हथेलियों को घुटनों पर रखकर सांस भरते हुए हाथों को ऊपर की ओर उठाएं व कमर को सीधा कर ऊपर की ओर खींचे, अब सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें व हाथों से पैरों के अंगूठों को पकड़कर माथे को घुटनों पर लगा दें। ध्‍यान रखें कि घुटने मुड़ने नहीं चाहिए। और कोहनियों को जमीन पर लगाने का प्रयास करें।

पूर्वोत्तानासन योगा

पूर्वोत्तानासन योगा से चर्बी घटाने में आसानी होती है। यह शरीर के निचले भाग और बाजुओं को सुडौल बनाने के लिए अच्छा आसन है। इससे शरीर लचीला रहता है। इसे करने के लिए अपने पैरों को सामने की ओर फैलाकर सीधे बैठ जाएं। ध्‍यान रखें कि पंजे जुड़े हुऐ और रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए। अब दोनों हाथों को जमीन पर टिकाकर कमर के निचले हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं। कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।

भुजंगासन योगा

भुजंगासन योगा भी आपके पेट की चर्बी कम करने, कमर पतली करने और कंधे चौड़े व बाजू मजबूत करने में यह योगा बहुत फायदेमंद होता हैं। शरीर को लचीला और सुडौल बनाने में इसका बहुत महत्व है। भुजंगासन योगा को कोबरा पोज भी कहते हैं। क्‍योंकि यह दिखने में फन फैलाए एक सांप जैसा पॉस्चर बनाता है। इसे करने के लिए पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। अब दोनों हाथ के सहारे शरीर के कमर से ऊपरी हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं, लेकिन कोहनी आपकी मुड़ी होनी चाहिए। हथेली खुली और जमीन पर फैली हो। अब शरीर के बाकी हिस्सों को बिना हिलाए-डुलाए चेहरे को बिल्कुल ऊपर की ओर करें। कुछ समय के लिए इस मुद्रा में यूं ही रहें।

कपालभाति योगा

कपालभाति योगा करने से पेट की चर्बी कम होती है। इसे करने के लिए ध्यान के किसी भी आसन में बैठ जाएं। दोनों हथेलियों को घुटनों पर ज्ञानमुद्रा में रखें। आंखों को ढीली बंद करें। नासिका से एक हल्के झटके से श्वास बाहर निकालें तथा नासिका द्वारा सहज श्वास अंदर लें। यह कपालभाति की एक आवृत्ति है। इसकी 25 आवृत्तियों का एक चक्र करें। एक चक्र के बाद दो-तीन गहरी श्वास लेकर दूसरे चक्र का अभ्यास करें। धीरे-धीरे चक्रों की संख्या बढ़ाते जाएं।

उष्ट्रासन योगा

उष्ट्रासन योगा में ऊंट की आकृति बनाई जाती है। इसी कारण इस उष्ट्रासन कहा जाता है। यदि पेट ज्‍यादा निकला है तो इस योगा से आपका पेट, कमर, छाती और बाहों पर असर पड़ता है। इसे करने के‍ लिए वज्रासन में बैठ कर अपने घुटनों के बल खड़े हो जाये। घुटनों से कमर तक का भाग सीधा रखें व पीठ को पीछे की ओर मोड़कर हाथों से पैरों की एड़ियां पकड़ लें। अब सिर को पीछे की आरे झुका दें।

योग ना सिर्फ हमारे शरीर पर जमा चर्बी को कम करता हैं बल्कि शरीर को लचीला भी बनाता हैं। जिससे आप स्वस्थ रहते हैं। नियमित रूप से योग करने से आप वजन कम करने के साथ शेप में भी आ जाते हैं। साथ ही योगा आपके चेहरे को ग्लो भी रखता है।

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